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सेक्स के लिए घोटाले में मदद करते थे नेता, अब सीएम पर लगाए ये आरोप

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sarita sex minister

नई दिल्ली/कोच्चि। केरल के सोलर पैनल घोटाले की मुख्य आरोपी सरिता एस नायर ने सोमवार को यहां के हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके घोटाले में मुख्यमंत्री ओमन चांडी की कथित भूमिका की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। जानिए और क्या लगाया आरोप…

– सरिता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल ने एक प्रमुख सौर परियोजना को शुरू करने के लिए कारोबारी एम श्रीधरन नायर को कथित रूप से राजी करने में मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच नहीं की।

– विवादित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ‘टीम सोलर रिन्यूएबल एनर्जी सोल्यूशंस’ की एक निदेशक और इस मामले में आरोपी सरिता ने मुख्यमंत्री कार्यालय को कंपनी से जोड़ने का प्रयास किया।

– उन्होंने कहा कि श्रीधरन नायर ने मुख्यमंत्री से मिलकर मेगा सौर परियोजना में 40 लाख रुपये की शुरूआत राशि का निवेश करने से पहले उनसे निजी आश्वासन पाया था।

जानिए सरिता की पूरी कहानी…

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36 साल की सरिता नायर के कारण केरल में ओमन चांडी की कुर्सी खतरे में है। इस वक्त केरल की राजनीति में तूफ़ान मचा हुआ है। पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुद सरिता ने खुलासा किया है कि नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और उनके प्राइवेट सेक्रेटरी तक केवल सेक्स की वजह से घोटालों में उसकी मदद करते थे।

क्यों छोड़ दिया था सरिता को पति ने

– सरिता की मां ने उसकी शादी दुबई में बसे राजेंद्रन से कर दी। शादी के वक्त उसकी उम्र सिर्फ 18 साल थी।
– शादी के बाद राजेंद्रन अपनी नौकरी के लिए गल्फ चला गया, लेकिन ये शादी बहुत दिनों तक टिकी नहीं।
– राजेंद्रन ने यह कहते हुए उसे तलाक दे दिया कि उसके दूसरे मर्दों से संबंध हैं। तलाक के समय तक उनका एक बच्चा हो चुका था।
– एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि सरिता की पहली संतान तिरुअनंतपुरम के एक स्कूल से पढ़ाई कर रही है।
– वह सरिता का पुत्र है, इस बात का पता केवल स्कूल प्रबंधन को ही है।

सरिता की स्टोरी की शुरुआत केरल के चेनगन्नूर जिले के छोटे-से देहात में हुई। सरिता नायर सेंट अॅन्स स्कूल की स्टूडेंट थी। अंग्रेजी और गणित में हमेशा टॉप करने वाली सरिता ने दसवीं की परीक्षा में डिस्टिंक्शन के साथ 94 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए। लेकिन सरिता के पिता सोमशेखरन नायर ने अपनी जिम्मेदारियों और लोन से बचने के लिए सुसाइड कर ली।

सरिता और उसकी छोटी बहन की जिम्मेदारी को निभाने के लिए मां इंदिरा ने नौकरी कर ली। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, “उसे पढ़ाई-लिखाई में हासिल किए अपने नंबरों पर आज तक फख्र है।’ इस दौरान उसने इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन, एयरक्राफ्ट मेन्टेनेंस तथा इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल कर लिए। सरिता ने खुद भी दावा किया है कि उसे एक समय में एक हवाई जहाज कंपनी से नौकरी का बुलावा भी था।

तलाक के बाद सरिता ने हार नहीं मानी और अपने बेटे को मां के पास छोड़ उसने अपने करियर की नई शुरुआत की। उसने कोझेनचेरी में एक प्राइवेट लेन-देन वाली कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी कर ली। स्थानीय शराब के दलाल से दोस्ती की। वह अपने दोस्त की मदद से कंपनी के लिए लाखों रुपए लाती गई। जिससे सरिता ने जल्द ही कंपनी के मालिकों का विश्वास जीत लिया। लेकिन उसने एक गलती की और इन पैसों में से काफी पैसा अपने दलाल दोस्त को दिया जिसे लेकर वो फरार हो गया और फंस गई सरिता और उसे जेल जाना पडा।

जेल से निकलने के बाद कुछ सालों तक अंडरग्राउंड रहने के बाद सरिता ने फिर से जाल फैलाना शुरू कर दिया। इस बार उसने अपने लिव-इन पार्टनर बीजू राधाकृष्णन के साथ मिलकर काम करना शुरू किया।चेंगन्नूर में अपना नाम बदलकर sarita sex ministerवो दोनों अपना काम ऑनलाइन करते थे। 2010 में वे पकड़े गए। उस समय सरिता के पेट में बीजू की बेटी थी जिसे उसने जेल में ही जन्म दिया।

जेल जाने के बाद सरिता समझ गई कि उसे पॉलिटिकल कनेक्शन की जरूरत है। खूबसूरत तो वो थी ही। अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम तीनों भाषा अच्छे से बोल लेती थी। सरिता अब नंदिनी नायर बन गई और खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताने लगी। बीजू कभी खुद को स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर बताता था और कभी-कभी वह खुद को एक आईएएस अफसर बताता था