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बिहार के राज्यपाल और दलित चेहरा रामनाथ कोविंद होंगे बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, अमित शाह ने की घोषणा

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नई दिल्ली | बीजेपी ने सभी राजनितिक पंडितो को चौंकाते हुए एक दलित समाज से आने वाले शख्स को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया. सोमवार को बीजेपी की संसदीय दल की बैठक ख़त्म होने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात का एलान करते हुए कहा की बीजेपी की तरफ से बिहार के वर्तमान राज्यपाल राष्ट्रपति पड़ के उम्मीदवार होंगे.

पिछले कई दिनों से राष्ट्रपति चुनाव के लिए आम राय बनाने में लगी बीजेपी ने सोमवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी. अमित शाह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा की बीजेपी संसदीय दल ने बिहार के वर्तमान राज्यपाल रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है. हमने इसकी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भी दे दी है. अमित शाह ने बताया की खुद पीएम ने सोनिया और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात कर उनको इस बात की जानकारी दी.

इसके अलावा तमिलनाडु के सीएम् पलनिसामी, आंद्र प्रदेश के सीएम् चंद्रबाबू नायडू और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार को इस बात की जानकारी दे दी गयी है. अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा पार्टी ने गरीब समाज से आने वाले शख्स को राष्ट्रपति बनाने का फैसला किया है. इसलिए रामनाथ कोविंद, जो हमेशा से दलित और पिछड़ा वर्ग के लिए संघर्ष करते रहे है, का नाम राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में तय किया गया है.

जानकारों का मानना है की बीजेपी ने दलित कार्ड खेलकर सभी दलों को चौंका दिया है. दलित चेहरा होने की वजह से शायद ही कोई पार्टी रामनाथ के नाम का विरोध करे. अमित शाह ने सोनिया गाँधी से हुई मुलाकात के बारे में बताया की उन्होंने कहा है की वो बातचीत कर अपने आगे के फैसले के बारे में बताएगी. उधर तेलंगाना के सीएम् चंद्रशेखर राव ने रामनाथ का समर्थन करने का एलान कर दिया है.

बताते चले की रामनाथ कोविंद , बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके है. वो मूलतः कानपुर के रहने वाले है. पेशे से वकील कोविंद दो बार बीजेपी के टिकेट पर राज्यसभा सांसद रह चुके है. राष्ट्रपति के उम्मीदवार की तरह उनको अचानक से ही बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. चौंकाने वाली बात यह है की कोविंद का नाम किसी भी राजनितिक हलके में नही चल रह था. लेकिन मोदी और शाह ने बीजेपी संसदीय बैठक के बाद कुछ देर अकेले बात की और फिर कोविंद के नामा की घोषणा कर दी गयी.