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उना में दलितों ने ली शपथ, नही उठाएंगे मैला और मरे हुए जानवर

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उना | गौरक्षा के नाम पर गुजरात के उना में हुए दलितों की पिटाई ने , दलितों के अन्दर की आवाज को जगा दिया है. उनको अब देश में बराबरी का अधिकार चाहिए. इसके लिए वो किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है. इसी कसम के साथ उना के दलितों ने स्वतंत्रता दिवस के दिन शपथ ली की वो अब न तो मैला उठाएंगे और न ही मरे हुए जानवर.

10 दिन लम्बी और 342 किलोमीटर लम्बी ‘ दलित अस्मिता ‘ यात्रा आज गुजरात के उना में जाकर समाप्त हुई. यहाँ दलितों ने आजादी का जश्न मनाया. इस दौरान दलित आन्दोलन के नेता जिग्नेश मेवाणी ने करीब 10 हजार दलितों को शपथ दिलाई. जिग्नेश में अपने संबोधन में कहा की अब से हम कोई भी गन्दा काम नही करेंगे. हमें समाज में बराबरी का हक़ चाहिए और जीवन यापन के लिए 5-5 एकड़ जमीन.

जिग्नेश ने सरकार को एक महीने का समय देते हुए अल्टीमेटम दिया की अगर हमें एक महीने के अन्दर 5-5 एकड़ जमीन आवंटित नही की गयी तो हम पूरे देश में आन्दोलन करेंगे. हम पूरे देश में रेल रोको आन्दोलन चलाएंगे. जिग्नेश ने प्रधानमंत्री मोदी के गौरक्षको और दलितों पर दिए गए बयान को भी नाटक करार दिया. जिग्नेश ने कहा की जब मोदी जी पूरे देश में विकास यात्रा निकाल रहे थे तब गुजरात में आपकी पुलिस 3 दलित युवको को गोली मार रही थी.

जिग्नेश ने मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा की यह सब एक नाटक से ज्यादा कुछ नही. तब मोदी जी ने क्यों नही कहा की उन्हें नही मुझे गोली मारो. दलितों की इस यात्रा में काफी संख्या में मुस्लमान भी शामिल हुए. इस दौरान वहां दलित-मुस्लमान भाई भाई के भी नारे लगे. वही यात्रा के समापन समारोह में रोहित वेमुला की माँ राधिका वेमुला ने भी हिस्सा लिया और तिरंगा झंडा फहराया.